Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi Work -
Bihar and Orissa Public Demand Recovery Act 1914 PDF in Hindi कैसे डाउनलोड करें?
भारत की स्वतंत्रता और राज्यों के पुनर्गठन के बाद भी, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में यह कानून कुछ संशोधनों के साथ आज भी पूरी तरह प्रभावी है।
1. इंडिया कोड पोर्टल (India Code Portal) Bihar and Orissa Public Demand Recovery Act 1914
कृषि ऋण (जैसे तकावी लोन) या अन्य सरकारी योजना के तहत लिए गए ऋण।
तभी एक राहत की खबर मिली। वकील साहब ने बताया कि के तहत रामू के पहने हुए कपड़े, खाना पकाने के बर्तन, बिस्तर और खेती के हल-बैल कुर्क नहीं किए जा सकते। साथ ही, धारा 42 यह भी कहती है कि किसी महिला या नाबालिग को इस कानून के तहत गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। 7. अंतिम समाधान This link or copies made by others cannot be deleted
यह अधिनियम सरकार या अधिसूचित संस्थानों को उनके बकाया (जैसे कर, रॉयल्टी, ऋण) की वसूली के लिए एक त्वरित प्रशासनिक-कानूनी ढांचा प्रदान करता है. इसे के रूप में भी जाना जाता है.
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इस अधिनियम के तहत "पब्लिक डिमांड" का मतलब उस धनराशि से है जो किसी व्यक्ति द्वारा सरकार या किसी सार्वजनिक संस्थान को देय होती है। अधिनियम की में उन सभी बकायों की सूची दी गई है जिन्हें पब्लिक डिमांड माना जाता है। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
इसमें कलेक्टर, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), या राज्य सरकार द्वारा नियुक्त कोई अन्य अधिकारी शामिल होता है.
अधिनियम के तहत, "लोक मांग" (Public Demand) का मतलब है कोई भी ऐसा बकाया जो सर्टिफिकेट ऑफिसर द्वारा वसूल किया जा सकता है। इसमें शामिल हैं: भू-राजस्व (Land Revenue)
यदि आधिकारिक हिंदी अनुवाद उपलब्ध है, तो वहां आपको "Hindi" या "Regional Language" का विकल्प दिखेगा, जहां से आप PDF डाउनलोड कर सकते हैं।